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Tuesday, December 8, 2020

इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन फीका से जुड़ने की तैयारी कर रहा, लेकिन बड़े खिलाड़ियों को बोर्ड से पैसे मिलते हैं वो हमारे पास क्यों आएंगे

इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) अक्टूबर 2019 में अस्तित्व में आया। आईसीए ने अब क्रिकेटर्स की वर्ल्ड बॉडी फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (फीका) का सदस्य बनने की कोशिशें तेज कर दी हैं। आईसीए के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने फीका के अध्यक्ष और इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज विक्रम सोलंकी को अप्रोच किया। लेकिन उन्होंने बाद में आने को कहा।

मल्होत्रा ने कहा, ‘हम फीका में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने साेलंकी से बात की लेकिन उन्होंने कहा कि अगर आप मौजूदा खिलाड़ियों से बातचीत नहीं कर रहे हैं तो आपका शामिल होना मुश्किल है।’ टेस्ट खेलने वाले देशों की बात की जाए तो सिर्फ भारत, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे ही फीका के सदस्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर गठित लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के बाद आईसीए का गठन किया गया।

पूर्व खिलाड़ियों की मदद के लिए इसका गठन किया गया है। हालांकि एसोसिएशन के मेमोरेंडम में साफ तौर पर लिखा गया है कि आईसीए मौजूदा खिलाड़ियों के लिए भी काम करेगा। इस बारे में मल्होत्रा ने कहा कि इसके लिए हमें काम में बड़ा बदलाव लाना होगा। चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर कल मैं कोहली के पास जाता हूं और उनसे कहता हूं मैं आपकी जगह बात करूंगा। वे इसके लिए तैयार नहीं होंगे क्योंकि वे बीसीसीआई से सीधे बात कर रहे हैं। ऐसे में वे हमारे पास क्यों आएंगे। खिलाड़ियों को पैसे कौन देता है, बीसीसीआई। ऐसे में खिलाड़ी उनके खिलाफ क्यों जाएंगे।’

आईसीए के 2000 सदस्य, लेकिन सचिन और गावसकर अब तक इससे नहीं जुड़े

मौजूदा समय में आईसीए के 2000 पूर्व महिला और पुरुष खिलाड़ी सदस्य हैं। लेकिन कई पूर्व बड़े खिलाड़ी जैसे सुनील गावसकर, दिलीप वेंगसरकर और सचिन तेंदुलकर अब तक आईसीए से नहीं जुड़े हैं। यह रोचक है कि 1970, 1980 और 2002 में प्लेयर्स एसोसिएशन को बनाने के लिए इन खिलाड़ियों की ओर से भी प्रयास किए गए थे। मल्होत्रा ने कहा, ‘पहले का प्लेयर्स एसोसिएशन बड़े लोगों का था।

वे बड़े खिलाड़ियों द्वारा शुरू किए गए। कपिल, गावसकर ने भी ऐसा किया। उस समय अमेरिका दौरे, सैलरी बढ़ाने, कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने, मॉडलिंग की अनुमति जैसी मांगें शामिल थीं। एक मांग को भुला दिया गया था। वह यह था कि घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेटर इसका हिस्सा नहीं थे।’

मल्होत्रा ने कहा, ‘पहले खिलाड़ी निर्णय लेने वाली बॉडी के सदस्य नहीं होते थे। लेकिन अभी हर एसोसिएशन में आईसीए के दो सदस्य हैं। आप एक दिन में सबकुछ नहीं बदल सकते।’ बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल में पूर्व भारतीय ओपनर अंशुमन गायकवाड़ और पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी आईसीए की ओर से शामिल किया गया है।

हालांकि पिछले दिनों गायकवाड़ की बीसीसीआई को एक लिखा चिठ्ठी लीक हुई थी, जिसमें उन्होंने बोर्ड की ओर से आईसीए की मांग को पूरा नहीं किए जाने की बात की थी, लेकिन इस पर मल्होत्रा अभी भी पॉजिटिव हैं। बीसीसीआई ने आईसीए के सवालों का जवाब धीमी गति से दिया है। लेकिन मल्होत्रा ने कहा कि वे संवेदनशील हैं। भविष्य को लेकर मल्होत्रा ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि आईसीए वर्तमान क्रिकेटरों के साथ जुड़ जाएगा।

हमें बीसीसीआई की मंजूरी के साथ अपने संविधान को बदलना पड़ सकता है। हमें वर्तमान क्रिकेटरों के वेतन, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने की उम्मीद है। मैं चाहूंगा कि आईसीए दुनिया के किसी भी क्रिकेटर्स एसोसिएशन के बराबर हो। अभी शुरुआती दिन हैं। कपिल देव या गावसकर भविष्य में अध्यक्ष हो सकते हैं। आप जानते हैं कि वे ही बीसीसीआई की आंखों में आंखें डालकर बात कर सकते हैं और काम कर सकते हैं।’



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दैनिक भास्कर,,1733

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